Galib Ki Shayari mirza galib shayari in hindi 2 lines - Shayari 4 Love

Galib Ki Shayari  Shayari 4 Love. पर आपका स्वागत है , मशहूर शायर मिर्जा ग़ालिब  साहब का नाम तो आपने जरूर सुना होगा ,  मिर्जा ग़ालिब साहब उर्दू एवं फ़ारसी भाषा के महान शायर थे। इनको उर्दू भाषा का सर्वकालिक महान शायर माना जाता है और फ़ारसी कविता के प्रवाह को भारतीय भाषा  में लोकप्रिय करवाने का श्रेय भी इनको दिया जाता है।

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Galib Ki Shayari -  mirza galib shayari Collection in Hindi :

Galib Ki Shayari , mirza galib shayari in hindi 2 lines


Rago Me dodte firne ke ham nhi kayal ,
Jab aankh hi se na tapka to fir lahu kya hai.

रगों में दौड़ते फिरने के हम नहीं क़ायल
जब आँख ही से न टपका तो फिर लहू क्या है.

Dard minnat-ksh-e-dava na hua me na achcha hua bura na hua.

दर्द मिन्नत-कश-ए-दवा न हुआ मैं न अच्छा हुआ बुरा न हुआ.

Vo aaye ghar me hamare , khuda ki kudrat hai !
Kabhi ham unko , kabhi apne ghar ko dekhte hai .

वो आए घर में हमारे, खुदा की क़ुदरत हैं!
कभी हम उनको , कभी अपने घर को देखते हैं.

Har ek bat pe kahte ho ki tu kya hai,

tumhi kaho ki ye andaj-e-guftgu kya hai.

हर एक बात पे कहते हो तुम कि तू क्या है,
तुम्हीं कहो कि ये अंदाज़-ए-गुफ़्तगू क्या है.

Ham ko malum hai jannat ki hakikat lekin dil ko khush rakhne ko 'Galib' ye khyal achcha hai.

हम को मालूम है जन्नत की हक़ीक़त लेकिन दिल को  ख़ुश रखने को 'ग़ालिब' ये ख़याल अच्छा है.

Hui Muddat ki 'galib' mar gya par yaad aata hai,

Vo har ek baat par kahna ki yu hota to kya hota.

हुई मुद्दत कि 'ग़ालिब' मर गया पर याद आता है,


वो हर इक बात पर कहना कि यूँ होता तो क्या होता .

Bijli ek koundh gayi aankho ke aage to kya,

Baat karte ki me lab tashan-e-takrir bhi tha.

बिजली इक कौंध गयी आँखों के आगे तो क्या,
बात करते कि मैं लब तश्न-ए-तक़रीर भी था।

Yahi hai aajmana to satana kisko kahte hai,

Adu ke ho liye jab tum to mera imthan kyu ho.

यही है आज़माना तो सताना किसको कहते हैं,
अदू के हो लिए जब तुम तो मेरा इम्तहां क्यों हो.

Ishq par jor nhi hai ye vo aatish 'Galib',
Ki lagaye na lage aur bujhaye na bujhe.

इश्क़ पर जोर नहीं है ये वो आतिश 'ग़ालिब',
कि लगाये न लगे और बुझाये न बुझे.

Tum na aaye to kya sahar na hui,

Ha magar chain se basar na hui,
Mera nala suna jamane ne,
Ek tum ho jise khabar na hui.

तुम न आए तो क्या सहर न हुई,
हाँ मगर चैन से बसर न हुई,
मेरा नाला सुना ज़माने ने,
एक तुम हो जिसे ख़बर न हुई.

Jala hai jism jha dil bhi jal gya hoga,

Kudrat ho jo ab rakh jutaju kya hai.

जला है जिस्म जहाँ दिल भी जल गया होगा
कुरेदते हो जो अब राख जुस्तजू क्या है.

Mere baare me koi ray mat banana galib ,
mera vakt bhi badlegateri ray bhi.

मेरे बारे में कोई राय मत बनाना ग़ालिब,
मेरा वक्त भी बदलेगा तेरी राय भी.


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Galib Ki Shayari mirza galib shayari in hindi 2 lines - Shayari 4 Love Galib Ki Shayari  mirza galib shayari in hindi 2 lines - Shayari 4 Love Reviewed by Virendra Singh on July 06, 2020 Rating: 5

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